उत्तर प्रदेश बनेगा आत्मनिर्भर भारत का आधार, सीएम योगी ने उद्योग जगत को बताया विकास का सबसे बड़ा साझेदार
Investing in Uttar Pradesh is Investing in the National Interest
Investing in Uttar Pradesh is Investing in the National Interest: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्य स्तरीय उद्योग संगठनों व प्रमुख उद्यमियों के साथ विशेष बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश में किया गया निवेश केवल एक राज्य में निवेश नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में किया गया निवेश है। यूपी जिस आर्थिक मजबूती और स्थिरता की ओर बढ़ रहा है, उसमें उद्योग जगत की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की खुशहाली, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में उद्योग जगत सबसे बड़ा सहयोगी है।
सरकार इस साझेदारी को और मजबूत करना चाहती है। राज्य सरकार उद्योगों को केवल निवेशक नहीं, बल्कि विकास की साझेदारी का अभिन्न हिस्सा मानती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यूपी में निवेश करने वाला हर उद्यमी सरकार को अपने साथ खड़ा पाएगा और नीति, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा प्रशासन, तीनों स्तरों पर उसे पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने उद्योग समूहों को कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के माध्यम से प्रदेश के विकास और सामाजिक बदलाव का सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया। विभिन्न उद्योग समूह अपनी रुचि और विशेषज्ञता के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण समेत अन्य क्षेत्रों में सीएसआर के तहत योगदान करें।
नवाचार को बढ़ावादेने के लिए नीतिगत सुझाव मांगे
मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों से एमएसएमई सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि पैकेजिंग, डिजाइनिंग और एक्सपोर्ट प्रमोशन को और मजबूत करने में उद्योग समूह आगे आएं। टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स सेक्टर में महिलाओं को अधिक मौके देने के लिए ठोस और व्यावहारिक प्रयास किए जाएं। राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों के अनुरूप समय पर इंसेंटिव वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश में खिलौना पार्क के विकास की भी जरूरत है।
औद्योगिक भूमि की लागत कम करने पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में औद्योगिक भूमि की लागत कम करने पर भी खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि भूमि, लाजिस्टिक्स व अनुमोदन से जुड़ी लागत को कम कर निवेश को और आकर्षक बनाया जाएगा।
मंडल मुख्यालयों में हर दो माह में बैठक
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर उद्योग बंधु बैठकों में डीएम व एसपी की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए और उद्योग जगत द्वारा रखी गई समस्याओं और अपेक्षाओं का समाधान अगली बैठक से पहले हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। राज्य स्तरीय बैठक केवल लखनऊ तक सीमित न रहे, बल्कि अन्य मंडल मुख्यालयों पर भी मंडलायुक्त और एडीजी/आईजी की उपस्थिति में प्रत्येक दो माह में उद्योग बंधु की बैठक आयोजित किए जाने का निर्देश दिया। बैठकों में मंत्रियों के साथ सीईओ इन्वेस्ट यूपी और अवस्थापना व औद्योगिक विकास से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। राज्य स्तर पर प्रत्येक तिमाही बैठक मुख्य सचिव व डीजीपी की उपस्थिति में आयोजित की जाए, ताकि उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान हो सके।
आवासीय पार्किंग के लिए न लें अनावश्यक कर
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आवास को निर्देश दिया कि आवासीय पार्किंग के लिए उपयोग हो रही भूमि पर अनावश्यक कर न लेने के लिए आवश्यक व्यवस्था लागू की जाए, जिससे नागरिकों और उद्योग से जुड़े लोगों पर अतिरिक्त भार न पड़े। बैठक में विशेष प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उद्यमियों को बीते नौ वर्षों में यूपी की परिवर्तनकारी विकास यात्रा दर्शायी गई। बैठक में बताया गया कि अगले दो वर्षों में लगभग ₹5,000 करोड़ रुपये के निवेश से 185 औद्योगिक क्लस्टरों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों के लिए ₹400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।